Kamvasna

कामवासना सेक्स कहानियाँ : New Kamvasna Sex Stories

कामवासना सेक्स कहानियाँ – Real कामवासना.com Kamvasna Sex Stories

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मेरा नाम कीर्ति है, मैं एक बहोट बिंदास टाइप की लड़की हू. मैं उप के कानपुर की रहने वाली हूँ और घर मे सबसे चिटी हूँ. मेरी आगे 21 साल है और मेरा फिगर 34 32 34 है. मैं आपको मेरी पहली चुदाई की कहानी बताने जेया रही हूँ, ये बात एक साल पहले की है.

ग्रॅजुयेशन ख़तम करने के बाद मैने म्बा करने के लिए एंट्रेन्स दिया, मेरा सेलेक्षन हो गया था और काई कॉलेजस से ऑफर लेटर आया. फाइनली मैने एक कॉलेज जो मुंबई मे था उसको सेलेक्ट किया क्योंकि मेरे भैया और भाई मुंबई मे रहते थे और उन्होने कहा की यहाँ आ जाओ. फिर क्या था मैने अपना समान पॅक किया और मुंबई के लिए निकल पड़ी. शायद उप जे एक कन्सर्वेटिव फॅमिली से निकालकर अब मुझे मुंबई के मॉडर्न लाइफ मे जीने का मौका मिलने वाला था. कानपुर मे फ्रेंड्स के साथ मस्ती, पॉर्न मोविए देखना और पॉर्न स्टोरीस तो मैं पड़ती थी पर वो आज़ादी नही थी.

मैं मुंबई पह्ोछ गयी एर भैया मुझे लेने के किए स्टेशन आए थे. घर पह्ोछ के भा ही के गले लग गयी. मेरी भाभी का नाम सीमा है और वो मुझ से 8 साल बड़ी हैं, भैया का नाम संजय है और उनकी आगे है 34. भाभी बहोट ही मस्त और ओपन माइंड की औरत हैं, वो काफ़ी पढ़ी लिखी हैं और उन्होने भी म्बा किया हुआ था. लेकिन जॉब नही करती थी, वो घर पे तूतिओं लेती थी. भैया एक शिप्पिंग कंपनी मे सीनियर मॅनेजर की पोस्ट पर थे. मेरा अड्मिशन वग़ैरह भैया ने करवा दिया था और मुझे 6 दिन बाद की क्लासस स्की डटे मिल गयी थी. कॉलेज का पढ़ाई का तरीका बहोट ही अलग था, 10 दिन क्लास, 10 दिन असाइनमेंट और 10 दिन का प्रॉजेक्ट हॉलिडे.

भाभी से बात कर रही थी तो मैं बोली भाभी मुझे सलवार सूट मे कॉलेज नही जाना तो वो बोली मैं तुमको कुछ कपड़े दिलवा देती हूँ और अगले दिन शाम को हम शॉपिंग के लिए गये, कुछ जीन्स, टॉप, स्कर्ट और टाइट्स खरीदे. कुछ मॉडर्न बीटीये और पनटी भी लीं. उसके बाद घर आ गये. गहर पे भैया को आते आते 7 से 8 बाज ही जाता था, कभी कभी रात मे उधर ही रुकना पड़ता था. मेरे कॉलेज के दिन शुरू हो गये, मैं रोज़ बस पकड़कर जाती थी और 15 से 20 मिनिट ही लगते थे. एक दिन मैं कॉलेज से आई, और भाभी ने एक चाभी फ्लॅट की मुझे दे रखी थी, तो डोर खोलकर अंदर आती. किचन से पानी लिया और डिन्निंग टेबल पर बैठ के पीने लगी. तभी भाभी के कमरे से कुछ आवाज़ आई. मैने देखा तो दरवाजा अंदर से बंद था, फिर भाभी की खिड़की के पास गयी और देखा तो भाभी अपनी मॅक्सी उपर कर के अपनी छूट मे उंगली कर रही थी और फोन पर किसी से बात भी कर रही थी. मैने सोचा की शयड भैया होंगे.

मैं भी उंगली करती थी पर कभी कभी जब कोई मोविए देखती थी या फिर कोई मॅगज़ीन देख लेती थी. केवल उंगली करने के लिए पॉर्न नही देखती थी. फिर मैने जानबूझ कर किचन मे गिलास गिराया और भाभी ने आवाज़ दी की कौन है तो मैने कहा की मैं किट्टू, वो मुझे किट्टू ही बुलाती थी. वो अंदर से ही बोली की आ गयी तुम, मैने कहा की हन. फिर भाभी बाहर आईं और मुझे खाना निकालने कहीं. और बगल मे बैठ गयी. मैने खाना खाते खाते पूछा की भाभी आपका शादी के पहले कोई बॉय फ्रेंड था क्या, तो वो बोली की हन था, 2 डाल हम साथ थे पर वो बाद मे उस चला गया और फिर वापस कभी मुझे नही मिला और ना मिलने की कोशिश की. फिर मेरी आगे भी हो रही थी और तुम्हारे भैया का रिश्ता आया.

तो मैने कहा की उसके साथ कुछ किया तो भाभी बोली ” हट बदमाश ” मैने हँसी और कहा की भाभी आप पढ़ी लिखी और मॉडर्न टाइप की हो , ब्फ भी था और ऐसा नही होगा की कुछ हुआ ना हो. तो भाभी बोली ऐसा नही है किट्टू बस हल्का फिल्म्स हुआ था, किस्सिंग, इधर उधर हाथ लगाना वग़ैरह. सेक्स नही किया. मैं शादी के टाइम तक कुँवारी ही थी. तो मैने कहा की क्या शादी के लिए किनारा रहना ज़रूरी है, तो भाभी बोली की ये डिपेंड करता है आपका पार्ट्नर कैसा है. कुछ लोग केवल इस लिए सेक्स करते हैं की बस लड़की का मज़ा मिल जाए, और कुछ लोग आपस मे सहमति से. रही बात शादी की तो हज़्बेंड कभी कभी जानते हुए भी की उसकी वाइफ कुँवारी नही है कुछ नही कहते और लाइफ चलती रहती है.

मैने कहा की सही बोल रही हो आप. फिर हम दोनो टीवी देखने लगे और तभी भाभी के फोन पर एक फोन आया और भाभी अंदर रूम मे चली गयी. मैने सोचा की भैया का होगा तभी भैया का फोन मेरे फोन पर आता और कहा की किट्टू सीमा कहाँ है उसका फोन बिज़ी जेया रहा है. मैं बोली की किसी से बात अकर रही हैं. तो भैया ने कहा की वो आज नही आएँगे, एक कन्साइनमेंट आ रहा है और उसकी एंट्री वग़ैरह आज रत ही करनी पड़ेगी क्योंकि वो शिप वापस कल जाएगा. इसलिए आज रात को नही ओँगा. मैने ओक कह कर फोन कट कर दिया और भाई से कहा की भैया आज रत नही आएँगे. उसके बाद रत मे ख़ान खाकर मैं आवने रूम मे गयी उर भाभी वन रूम मे, फिर रत को मई उठी और भाभी के रूम मे झाँका तो भाभी एकद्ूम नंगी ही, किसी से वीडियो कॉल प्र थी और अपना जिस्म दिखा रही थी.

मैं समझ गयी की इंक चक्कर है. फिर थोड़ी ड्र बाद उन्होने एक प्लास्टिक का केले जैसा कुछ निकल उर अपनी छूट मे दल कर अंदर बाहर करने लगी और काफ़ी देर बाद झाड़ गयी, और मॅक्सी पहन कर सो गयीं. एक दिन भाभी बाहर गयी थी भैया के साथ सनडे को. मैं उनके रूम मे गयी तो बेड मे बिस्तर के नीचे कॉंडम थे, वो भैया के हिंज और एक दो पॉर्न मॅगज़ीन. फिर भाभी की अलमारी खोली और उसमे का लॉकर बंद था, फिर एक पुराना सा बाग थे उसमे एक पेन ड्राइव थी. वो मैं लेकर आई और लॅप टॉप मे लगती. उसमे भाभी की आधी नंगी फोटो आनी शुरू हुई. फिर भाभी की कुछ फोटो मॉडर्न ड्रेस मे तीन जैसे मिनी स्कर्ट और टॉप.

डीप क्लीवेज की और कुछ मे ब्रा और पनटी वाली. फिर उसमे एक फोल्डर था ” फ ” तो मैने उसको खोला और देखा की एक स्मार्ट सा सांवला चेहरे पर दाढ़ी बिना मूच की और हेवी बिल्ट जैसे कोई बॉडी बिल्डर हो वो अंडर वेर मे भाभी के साथ था, भाभी केवल ब्रा और पनटी मे थी. फिर एक पिक मे भाभी उसके लंड को चूम रही थी. इसी तरह से उन दोनो की काई पिक्स तीन. मेरी छूट जिग्ली हो गयी थी ये सब देख कर. अब मेरा मान भी छुड़वाने को होता था. मैने वो सारी पिक कॉपी की और लॅप टॉप मे सवे कर लीं. मेरी कॉलेज मे एक फ्रेंड बन गयी थी जिसका नाम शिवानी था. वो एंपी मे सतना की रहने वाली थी. और उसका एक लड़के से चक्कर चल रहा था.

एक दिन शिवानी ने कहा की कीर्ति तुमने कभी चुड़वाया है तो मैने कहा की नही यार, दर लगता है. तो वो बोली पहले दर्द होता है फिर मज़ा आती है और जैसे जैसे चुड़वति जाओगी मज़ा आता जाएगा. मैने कहा की तुमने किया है तो उसने कहा की हन, 3 बार करवा चुकी और बैट मज़ा आया. फिर हम दोनो जब फ्री होते तो चुदाई की बात किया करते. मैने कहा की तुमको अगर चुदाई देखनी है तो भाभी और भैया की देखो. मैने कहा भक. तो वो बोली उसने उसकी मम्मी पापा को देखा था. और बहोट अक्चा लगता है.

फिर मैं घर आई. उस रात भैया भाभी की चुदाई देखने के लिए रूम के पास गयी, भैया कुछ कंप्यूटर पर कर रहे थे उर भाभी एक बुक पढ़ रही थी, फिर बहिया को कुछ बोला और फिर दोनो मे कुछ नही हुई और भाभी सो गयीं. मई वापस आ गयी रूम मे. फिर अगले दिन भाभी ने कहा की किट्टू आज नृत्य पार्लर जाना है, मैने कहा की कोई ख़ास काम तो वो बोली की हन तोड़ा वॅक्स वग़ैरह करवाना है बस ख़ास नही. हम दोनो ब्यूटी पार्लर गये, भाभी ने कहा की तुम यहा रूको मैं अभी आती हूँ और निकल गयी . जल्दी मे अपना मोबाइल भूल गयी. मैं ओअडिकुरे करवा रही थी, तभी मोबाइल पर कॉल आई ” फ ” नाम से ही तो मैने उठाया नही फिर उस पर मेसेज आया की. ” जान किधर हो ? फोन उठाओ ” मैने देखा तो सोचने लगी की ये है कौन.

फिर भाभी वापस आईं और फोन लिया और बैठ गयीं. उन्होने कुछ टाइप किया और फिर एक सोफे ओए गयीं और बात की. हम वापस घर आ गये, उसी शाम को मुझे पता चला की भैया किसी ज़रूरी काम से कोलकाता जेया रहे हैं, एक ऑडिट है. और 7 दिन बाद वापस आएँगे. रात 11 बजे उनकी फ्लाइट थी, भाभी ने समान पॅक किया और भैया 9 बजे एर पोर्ट के लिए निकल गये. फिर भाभी और मैने खाना खाया और भाभी कुछ अजीब सा बिहेव कर रही थी. तो मैने पूछा की क्या हुआ तो उन्होने कहा की कुछ नही आज तू मेरे पास सो जाना. मैने हन कह दिया और अपना लॅपटॉप लेकर उनके रूम मे आ गयी.

फिर वो पूछने लगी की फ्रेंड वग़ैरह बने तो मैने शिवानी के बारे मे बताया और पता नही क्यों उन फोटो के बारे मे पूछना चाहती थी लेकिन सोचा की उनकी लाइफ मे क्यों घुसू, तभी भाभी एक बुक निकली और कॉंडम का पॅकेट गिर गया, मैने उठाकर उनको दिया और वो हँसने लगी. मुजसे पूछा की ये क्या है जानती हो? तो मैने कहा की हन ये कॉंडम है. वो बोली हन लेकिन क्या काम करते हैं, मैने कहा की पॉप्युलेशन बढ़ने से रोकता है. वो ज़ोर से हँसने लगी. फिर मैने कहा की भाभी चुदाई कैसी होती है तो वो बोली अरे वा, क्या बात है एर मुझे बताने कहीं की चुदाई लड़की के लिए एक शराब के नशे की तरह होता है, नही ट्राइ किया तो कभी मान नबी करेगा, अगर स्मेल किया तो अक्चा नही लगेगा एप्र ट्राइ करने का मान करेगा.

धोके से ट्राइ किया तो न्शा नही आएगा, और जानबूझ के लिए तो आदत हो जाएगी. तो मैने कहा की अगर जानबूझ के ट्राइ किया पर धीखा दिखाया तो. उन्होने मुझे एक गाल पे हल्का सा मारा और कहा की यही तो सब लड़कियाँ करती हैं. फिर वो मुझे एक बुक दी और कहा की इसे पढ़ो, सब पता लगेगा. मैने कहा की बाद मे और भाभी ये फ कौन है. तो वो बोली की किट्टू मुझे पता था की तुझे पता चल गया है. वो फ़िरोज़ है. उसकी एक ट्रॅवेल कंपनी है दुबई एर सौदी मे. मुंबई मे ऑफीस खोलना था. उसके लिए उसको करियर ट्रिप के लिए कुछ तेरे भैया से काम था तो घर आया. और मुजको उ दुबई ऑफीस के लिए ऑफर किया. पर भैया ने माना किया तो उसने कहा की एक मॉडेलिंग असाइनमेंट है. एर मैने कर किया. उसके बाद हमारा मिला चाकू हो गया और हम बिस्तर तक आ गये. मेरा सेक्षुयल रीलेशन तुम्हारे भैया के साथ कुछ खास नही है. वो काम मे इतना बिज़ी रहते हैं की बस मेरा मान उखाड़ जाता है. फ़िरोज़ ने मेरी ज़रूरत को पूरा किया.

मैने कहा की वो एक मुस्लिम है तो भाभी बोली की मैने भी यही सोचकर पहले डोर जाने की कोशिश की पर एक औरत की आत्मा ही मर्द को पहचान सकती है. इंसानो के मज़हब होते हैं पर इक्चा इन के नही. फिर भाभी ने कहा की किट्टू तूने चुड़वाया है? मैने कहा की नही पर बहोट मान करता है. तो उन्होने कहा की भैया तो हैं नही अगर छुड़वाना है तो बताना , मैने कहा की ठीक है और अब हम दोनो फ्रॅंक हो चुके थे. अगले दिन भाभी ने फ़िरोज़ को घर पे बुलाया. वो अधिकतर दुबई या फिर सौदी मे रहता था. और दोनो जगह पे उसकी रखैल थी. फ़िरोज़ एक पैसे वाला और मजबूत बदन वाला आदमी था. फ़िरोज़ को मुझसे मिलवाया. भाभी ने एक स्कर्ट और टॉप पहना था और बहोट ही सेक्सी लग रही थी. फ़िरोज़ के बगल मे बैठ गयी और फ़िरोज़ उनके कंधों पर हाथ रखकर सात के बैठा था.

भाभी ने एक दूसरे को किस किया और फ़िरोज़ ने कहा की सीमा तुमने बताया की ननद आई है , तो मैने सोचा की मिला जे. फिर भाभी ने मुझे बुलाया और कहा की किट्टू इधर आ, और मैं उठी. मैने एक स्लीव्ले ब्रॉड नेक वाला टॉप और उसके नीचे पाजामा पहना था. मैं उठके गयी, और फ़िरोज़ के दूसरी तरफ बैठी. उसके बड़े बड़े पंजो से उसने मेरे जाँघ पर हाथ रखा, और कहा की अभी कक़ची है. भाभी ने कहा की इसको आज काली से फूल बना दो. तो फ़िरोज़ ने कहा की हन चलो रूम मे. भाभी मुझे लेकर रूम मे गयी सुर समझने लगी की किट्टू फ़िरोज़ का लंड काफ़ी बड़ा है और तुम्हारी सील टूटने के समी दर्द होगा लेकिन किस्मत वालों को ही इतने मोटे लंड से सील तूफान का मौका मिलता है. मैने कहा की ठीक है भाभी पर आप यहाँ रहना .

मैने कहा की ओक. फिर फ्रॉम अंदर आया और अपने सारे कपड़े उतरे. और मुझको नंगी होने के लिए इशारा किया, भाभी मेरे पास आई और मुझे नंगी कर दिया, मैं बहोट शर्मा रही थी, फिर भाभी भी नंगी हुई और फ़िरोज़ ने भाभी को खींच कर किस करने लगा. मैं सब बैठी देख रही थी. फिर फ़िरोज़ का मोटा उर 7 इंच लंबा लंड एकद्ूम तैयार था. भाभी ने मुझे उसका लंड चूसने को कहा. मैने उसका लंड मूह मे लिया पर वो पूरा अंदर नही गया लेकिन मैं चूस रही थी. भाभी मेरी छूट को रग़ाद कर गरम कर रही थी. फिर जब छूट थोड़ी गीली हुई तो फ़िरोज़ ने मुझे लिटाया और मेरी छूट को जीभ से चाटने लगा . मुझे एक करेंट का एहसास हुआ और छूट अब बहोट गीली हो गयी थी, भाभी मेरी चुचियों की निपल्स को उंगलियों से दबाने लगीं एर मैं बहोट गरम हो गयी थी. फ़िरोज़ ने मेरी छूट चेक की तो वो काफ़ी गीली हो गयी थी

फिर उसने एक उंगली छूट के अंदर डाली और चेक किया की कितनी गीली हुई, फिर मुझे तोड़ा सा दर्द हुआ. अब भाभी ने कहा की फ़िरोज़ लंड डालो ये रेडी है. अब फ़िरोज़ ने मुझे लिटाया और तंग फैलाकर अपने लंड पर तोड़ा सा क्रीम लगाया, मेरी छूट पे लंड को रगड़ने लगा जिस से मेरी छूट गरम हो गयी और पानी छोड़ दिया, छूट काफ़ी चिकनी हो गयी थी, फिर उसने लंड को मेरी छूट मे धीरे से अंदर डाला. लंड का सुपरा अंदर गया और मुझे दर्द हुआ फिर भाभी ने मेरा गाल सहने लगी और पूछा की किट्टू ज़्यादा दर्द हो रहा तो मैने कहा की हा तोड़ा दीर भाभी ने मेरे दोनो हाथ कस के पकड़ और फ़िरोज़ ने लंड को तोड़ा और अंदर डाला इस बार थोड़ी ताक़त लगाई और आधा लंड छूट मे चला गया, मुझे बहोट ज़ोर से दर्द हो रहा था और मैं रोने लगी भाभी से कहा की भाभी प्लीज़ रहने दो मार जौंगी तब भाभी ने कहा की किट्टू बस तोड़ा सा और फिर सब ठीक होगा मेरी आँखो मे आँसू थे और चेहरा लाल हो गया था , फिर फ़िरोज़ ने लंड पे और ज़ोर लगाया सूरी छूट फट गयी लंड पूरा अंदर जेया चुका था और मे चीख पड़ी. फ़िरोज़ ने कोई रहम नही दिखाया और लंड अंदर तक घुसा दिया मुझे मेरी गंद के छेड़ के पास गरम गरम लगा वो मेरी सील टूटने का खून था. फिर फ़िरोज़ ने लंड निकाला और भाभी कॉटन लेकर बैठी थी ,भाभी ने मेरा ब्लड सॉफ करने लगी, मैने पूछा की क्या है तो वो बोली की कुछ नही लेती रहो वो जानती थी की मई घबरा जौंगी.

ब्लड सॉफ करने के बाद लंड फिर से रगड़ने के बाद फ़िरोज़ ने अंदर डाला और इस बार दर्द हुआ पर उतना नही और अब लंड एक बार मे छूट के अंदर घुस गया और फ़िरोज़ धीरे धीरे धक्के मरने लगा वो अभी तक खड़ा ही था मैने केटी और सीमा भाभी मेरी चुचियों से खेल रही थी. फिर भाभी उठी और मेरी चुचियाँ पीने लगीं और फ़िरोज़ ने स्पीड बधाई आंड मुझे तोड़ा मज़ा आने लगा था लेकिन दर्द हो रा था. भाभी ने अपनी छूट मेरी मूह पर रख दिया और चूसने को बोल अमाइन वैसा ही करने लगी अब मेरी छूट ने पानी छोड़ दिया फ़िरोज़ को लग गया की अब छूट चूड़ने को तैयार है ,उसने कहा की सीमा हटो अब ये मेरी है फिर फ़िरोज़ ने आवने बाहों मे मुझे जाकड़ लिया जैसे एक अजगर मेमने को.

और उसने ज़बरदस्त झटके मारे. फिर उसने लंड बाहर निकाला और मेरे उपर अपना सारा लंड का पानी निकल दिया. जो.मेरे पेर से लगाकर मूह तक गया था. मैं बेहोश जैसी पड़ी थी. भाभी मे मुझे सॉफ किया और कहा किट्टू उठो. मेरी कमर दर्द हो रही थी और चला भी नही जेया रहा था. फिर मैने वो कॉटन और बेड शीट देखी जिसमे खून लगा था. भाभी मुझे बाहर लाई और बैठने को कहा , फिर एक क्रीम छूट पर लगाई और मुझे तोड़ा आराम मिला. फिर भाभी ने फ़िरोज़ से छुड़वाना. और सुबह मेरी छूट मे जलन हो रही थी. भाभी ने कहा की ये होता है, धीरे धीरे ठीक हो जाएगा. उसके बाद फ़िरोज़ और भाभी सो गये और मैं अपने रूम मे.