Bhabhi ki chud ki khujli

ये मेरी और मेरी प्यारी भाभी की स्टोरी है, जो मेरे घर के पास में ही रहती है. भैया गोवा की एक कंपनी में है और दो महीने में एक बार कुछ दिन के लिए घर आते है. वो हमारे दूर के रिश्तेदार है. ये बात आज से २ साल पहले ही है, जब मैं ये काम नहीं करता था मीन्स जब मैं मेल एस्कॉर्ट नहीं था.
मेरे और भाभी के घर में बहुत अच्छे रिलेशन है, जब भैया की शादी भी नहीं हुई थी. उससे पहले से ही मैं खाली टाइम में उनके घर चला जाता था और घंटो तक उनके यहाँ सबके पास बैठकर बतियाता रहता था. खूब हंसी-मजाक करता था. भैया की शादी के बाद भी, भाभी के साथ मेरा हंसी मजाक जारी रहा, कोई मुझ पर शक भी नहीं करता था. अब मैं आपको अपनी भाभी के बारे में बताता हु. उनका नाम निशा है, उनकी फिगर ३४-३२-३४ है और उनका रंग दूध से भी ज्यादा गोरा है और एक दम हिरोइएन लगती है, बोले तो एकदम झकास आइटम. वो इतनी सेक्सी और हॉट है, जब मैं उन्हें पहली बार देखा था तो मैंने उनके नाम का तीन पर मुठ मारा था. तब जाके मेरा लंड शांत हुआ था. मैं उनके घर चले जाता था और उनसे खूब हंसी-मजाक करता था. मैं मजाक ही मजाक में उन्हें छु लेता था, कभी उनके गालो पर किस कर देता था और कभी उनके हाथ को पकड़कर उनपर हाथ फेर देता था. मैं उन्हें जब से देखा था, मैं उन्हें चोदना चाहता था.
पर घर में उनकी सास की वजह से कभी ट्राई नहीं मार पाया, ना ही अपनी तरफ से उन्होंने मुझे कोई ऐसा हिंट दिया, कि वो मुझे पसंद करती थी या ऐसा कुछ भी. तो ज्यादा कुछ करने में मुझे भी डर लगता था. उनकी शादी के लगभग एक साल के बाद मेरी और भाभी की फॅमिली साथ में घुमने गए. जहाँ हमने जाना था. वहां पहुचने में पूरा दिन लगता है, तो सब आदमी कार की सबसे पीछे वाली सीट पर बैठे और मैं बीचवाली में, भाभी के बिलकुल बराबर वाली सीट पर. मैं बहुत खुश था, कि मेरी प्यारी भाभी मेरे बराबर में मुझसे बिलकुल चिपककर बैठी है. मेरा लंड उनकी खुशबु लेते ही खड़ा ही गया. मुझसे कण्ट्रोल नहीं हो रहा था. पर सबकी वजह से मैं कुछ कर नहीं पा रहा था. फिर कुछ घंटो बाद, अँधेरा हो गया और ठण्ड का टाइम था, तो हमने कम्बल ओढ़ लिया. मैंने धीरे से अपना हाथ भाभी के पेट पर रख दिया, तो उन्होंने हलकी से स्माइल दी. मेरी थोड़ी सी हिम्मत बड़ी और फिर कुक्ड देर तक मैंने अपने हाथ को ऐसे ही रखे रखा और धीरे-धीरे हाथ फेरता रहा.
मेरा लंड मेरी जीन्स फाड़ने को तैयार था. कुछ टाइम बाद, मैं हिम्मत करके अपना हाथ थोड़ी सी ऊपर खिसकाया उनके ब्लाउज की तरफ, तब भी उन्होंने कुछ नहीं बोला. मेरी गांड फट रही थी, कि अगर उस वक्त उन्होंने कुछ भी कहा, तो मेरे घर वाले मेरी गांड फाड़ देंगे. मेरे से कण्ट्रोल भी नहीं हो रहा था. मैंने सोचा – जो होगा देखा जाएगा. मैंने अपने हाथ को उनकी ब्लाउज के ऊपर रख दिया. उन्होंने मेरी तरफ देखा, तो मैंने सोचा कि आज तो मैं गया. पर उन्होंने मुझे एक अलग सी स्माइल दी. बाद फिर तो मैं बिलकुल खुल गया और मैंने अपने हाथ को उनके मोटे बूब्स पर रखे रखा और कुछ देर बाद हल्का-हल्का प्रेस करने लगा. उन्हें भी मज़ा आने लगा था. पुरे रास्ते में, ऐसे ही उनके बूब्स को दबाता रहा और उनकी चूत पर हाथ फेरता रहा. पता ही चला, कि पूरा रास्ता कब कट गया और घूमके वापस आंके बाद मैं बाद उन्हें चोदने का मौका ढूढने लगा. हम अकसर मौका देखके एक दुसरे को किस करते और मैं उनकी चूत में ऊँगली कर देता.
एकदिन, आंटी बाज़ार जाने वाली थी. भाभी ने बताया, कि आज दोपहर में, मैं अकेली रहूंगी. तो मैं अपने घर के बाहर बैठा था. तभी आंटी निकलकर बाहर गयी. उसके २ मिनट बाद, भाभी की कॉल आई. तो मैंने ख़ुशी से झूमता हुआ भाभी के घर पहुच गया, कि आज तो चूत मिलेगी. और जिसे चोदने के सपने देखा करता था, उसको आज हक्किकत् में चोदुंगा. मैं उनके घर उनके कमरे में गया और परदे लगा दिया. भाभी चादर ओढ़कर लेटी थी. मैं चादर हटाई, तो मैं देखता ही रह गया. भाभी ने बस ब्रा और पेंटी पहनी हुई थी. उन्हें ऐसे देखने में मेरे तो रौंगटे ही खड़े हो गये. मैंने जल्दी से अपने कपडे उतारे और उनपर टूट पड़ा. पहले तो मैं उन्हें १० मिनट तक किस करते- करते उनके बुबू को दबाता रहा और वो मेरे लंड को हाथ से मसलती रही अहहः अहहहः म्मम्मम्म कितना मज़ा आ रहा था. फिर मैंने उनकी ब्रा और पेंटी जोश में आके फाड़ दी और उनके बूब्स मसलने लगा. वो आख बंद करके अहहहहः आहाहाह उफ्फ्फ्फुफुफुफुफ़ … ऊईईईईइ दबाओ और जोर से दबाओ … इतना कहने लगी.
उन्होंने मेरा मुह अपनी चूत पर रख दिया और मैंने उनकी चूत के लिप्स खोल के उनकी चूत के दाने पर जीभ लगा दी और इसे क्रीम की तरह उनकी चूत को चाटने लगा. पहले तो थोडा अजीब लगा, फिर मुझे उसका टेस्ट अच्छा लगा अहहः य्म्मम्म्म्म म्मम्मम वो बुरी तरह मोअन कर रही थी अहहहहह्स्स्स स्स्स्स चाटो ना. आज इसकी पूरी खुजली मिटा दो. चाटोऊऊऊऊओ अहहः… मर ग्यीईईई. १० मिनट तक मैंने उनकी चूत चाटी. इस बीच वो कई बार झड़ चुकी थी. फिर वो बोली अब अपना लंड मेरे मुह में अन्दर तक दो जानू. मैंने अपना ८ इंच का लंड निकाला और उनके मुह में घुसाया और वो चूसने लगी. उम्म्म्मम्म म्मम्मम बहुत जोर जोर से पच पच की आवाज़ आने लगी. मेरे मुह से बस आहाहहः आआआअ की आवाज़ निकल रही थी. ऐसा मज़ा मुझे पहले कभी नहीं आया था. वो मेरा लंड ऐसे चूस रही थी जैसे सदियों से लंड की प्यासी हो. उन्होंने मेरा पूरा लंड एकदम लाल कर कर दिया और फिर वो बोली के अपना मोटा लंड मेरी चूत में डालो ना जान. मैंने झट से उनकी दोनों टांगो को खोल दिया और उनके ऊपर चड़ गया.
मैं अपना लंड उनकी चूत पर रगड़ने लगा. वो बोली बस भी करो. कितना तड़पाओगे? अब इसे डालो तो इसे. मैं अपना लंड जब अपने लंड को उनकी चूत में डालने की कोशिश की, तो उन्ही चूत इतनी टाइट थी कि मेरे लंड का टोपा ही सिर्फ अन्दर गया. मैंने कहा – भाभी आपकी चूत बड़ी टाइट है. तब उन्होंने बताया, कि तुम्हारे भैया मुझे ठीक से चोद नहीं पाते है. उनका लंड बहुत ही छोटा है इसलिए मेरी सील ठीक से टूटी नहीं है और जबसे उनकी शादी हुई है, तबसे मैं तुम्हे पसंद करती हु और तुम्हारे साथ सेक्स करना चाहती थी. तब मुझे पता चला, कि वो भी मुझसे प्यार करती थी. ये सुनते ही मैं तो फुला नहीं समाया पर मैंने एक बहुत जोर का झटका मारा और मेरा लंड आधा अन्दर घुस गया. वो बहुत तेज चिल्लाई – आईईईईइ मर्रर्रर्र ग्यीईईईइ … निकालो अपना लंड. पर मैं क्यों निकालने लगा. दुसरे धक्के में, मेरा पूरा अन्दर गया गया. अब वो शांत हो चुकी थी और चुदने को तैयार थी और मैं उन्हें तेज- तेज धक्के मारके चोदने लगा.
और वो अपनी गांड हिला-हिलकर मुझसे चुदवाने लगी और साथ में मैं एक हाथ से उनकी चूची भी दबा रहा था और उनके होठो अपने होठो में भरके चूस रहा था उम्म्मम्म म्मम्मम म्मम्मम बहुत मज़ा आ रहा था. मैं इतनी तेज धक्के मार रहा था, कि वो बार-बार ऊपर खिसक जाती. १५ मिनट बाद वो झड़ने वाली थी, तो उन्होंने मुझे बुरी तरह से जकड़ लिया और वो झड़ गयी. मैं उन्हें चोदने लगा एंड आई हेव ऐ गुड स्टेमिना.तो पहली बाद मैंने उन्हें २५ मिनट तक लगातार चोदा और वो मुझे जकड़ के मेरे नीचे लेटी थी. फिर मैं झड़ने वाला था. तो मैंने उनसे कहा, कि मेरा माल निकलने वाला है. तो उन्होंने मेरे काम में धीमे से कहा – की जानू अन्दर डाल दो. मैंने अपना सारा माल उनके अन्दर ही निकाल दिया और उनके ऊपर लेटा रहा और उन्हें चूसता रहा. ३-४ मिनट के बाद, मेरा लंड उनकी गोरी और मीठी चूची को चूसते- चूसते फिर से खड़ा हो गया और अबकी बार, मैंने उन्हें साइड में अपनी तरफ पीठ करके लिटाया और उनकी तांड उठाई और अपना लंड अन्दर डाल दिया.
मैंने धक्के लगाने शुरू कर दिए. उस टाइम कितना मज़ा आ रहा था. ऐसा लग रहा था, कि मैं जन्नत में हु और उनकी चूत को मैं एक हाथ से रगड़ने भी लगा था. उनके मुह को अपनी तरफ करके उनके होठो को चूस भी रहा था. कुछ देर ऐसा ही चुदाई करने के बाद, फिर मैंने नया स्टेप बनाया. मैंने उन्हें उलटी लिटाके उनकी गांड को हलकी सी ऊपर कर दिया और फिर अपना लंड उनकी चूत में डाल दिया. मैं उनके ऊपर लेटकर झटके मार रहा था. उनकी दोनों चुचिया दबा रहा था. मैं इतनी तेज झटके मारा रहा था, कि उनके मुह से हर धक्के के साथ अहहहः म्मम्मम निकल रही थी और मैं उनकी आवाज़ सुनके मस्त हो रहा था. ४० मिनट तक वो दूसरी चुदाई चली और मैं झड़ने वाला था. इस बीच में भाभी झड़ चुकी थी वो अब वो अकड़ने लगी थी. मैंने अपने लंड को उनकी चूत में से निकाला और अपने लंड को उनके बूब्स के बीच में रख दिया और रगड़ने लगा. मेरे लंड ने उनके मुह पर पिचकारी मार दी और १० मिनट रेस्ट करने के बाद, हमने जल्दी से कपडे पहने, क्युकी आंटी मार्किट से आने वाली थी.
तो देर ना करते हुए, मैंने उन्हें एक तगड़ी सी किस दी और उन्होंने मुझे अपने गले से लगा के कहा – आज पह्ल्ली बार मुझे पता चला, कि चुदाई क्या होती है. आई लव यू सो मच. उनकी नीली आँखों में मेरे लिए प्यार भरा हुआ था. मैंने भी कहा – आई लव यू टू, जान. जब भी आपका मन करे, तब मुझे बुला लेना. मैं भी बस आपका ही हु. और फिर मैं अपने घर आ गया.
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